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Tuesday, 1 March 2016

क्या हिन्दुओं को मुसलमानो पर हमले करने के लिए उकसाने पर नहीं होना चाहिए देशद्रोह का केस !

आगरा । आगरा में वीएचपी नेता की श्रद्धांजलि सभा में केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री रामशंकर कठेरिया के भड़काऊ भाषण ने एक नया प्रश्न पैदा कर दिया है । क्या एक समुदाय को दूसरे समुदाय के खिलाफ हमले करने और ताकत दिखाने के लिए उकसाना अपराध नही है ?

आगरा में कठेरिया ने एक भाषण में हिन्दुओं को अपनी ताकत दिखाने के लिए ललकारा है। आगरा में एक वीएचपी नेता की हत्या के बाद श्रद्धांजलि सभा में शरीक होने पहुंचे कठेरिया यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि प्रशासन ये न समझे की मंत्री बनने से मेरे हाथ बंध गए हैं, वे भी कभी लाठी-डंडा लेकर चलते थे।

आगरा से सांसद कठेरिया और फतेहपुर सिकरी से सांसद बाबू लाल बीजेपी, वीएचपी और बजरंग दल के उन नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने वीएचपी के नगर उपाध्यक्ष 50 वर्षीय अरुण माहौर की हत्या के बाद रविवार को सभा को संबोधित किया।

इस सभा को संबोधित करते हुए कठेरिया ने कहा, ‘हिन्दू समुदाय के खिलाफ यह षड्यंत्र किया जा रहा है, इसे पहचानने के लिए हमें अलर्ट रहना होगा और खुद को मजबूत करना होगा। हमें इसके खिलाफ लड़ना होगा, क्योंकि अगर अब हम इसे नहीं करते हैं तो आज हमने एक अरुण को खोया है और कल कोई दूसरा अरूण होगा… हत्यारों को भी मरना होगा, हमें ऐसा उदाहरण पेश करना होगा।’ वहीं सभा को संबोधित करते हुए बाबू लाल ने कहा, ‘अगर मुस्लिमों के दिमाग में कुछ है तो फिर एक रेखा खींचिए और फिर आप हिन्दू समुदाय की ताकत देखेंगे।’

हिन्दू राष्ट्र के नारे लगाने पर क्यों न चले द्रेशद्रोह का मुकदमा ?

एक बड़ा सवाल यह पैदा होता है कि क्या हिन्दू राष्ट्र के नारे लगाना गैर संवैधानिक नहीं है ? हिन्दू राष्ट्र की परिकल्पना हमारे देश के संविधान के पलट है । तो क्या हिन्दू राष्ट्र के नारे लगाने वालो के खिलाफ देश द्रोह का मुकदमा नहीं होना चाहिए । यदि जेएनयू में छात्रों के नारे लगाने से उनपर देश द्रोह का मुकदमा किया जा सकता है तो भड़काऊ भाषणो के मामले में अब तक साध्वी प्राची , योगी आदित्यनाथ, साक्षी महाराज और संगीत सोम पर देश द्रोह के मुकदमे क्यों नही दर्ज किये गए ।

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