Friends kal me ek post likhuga net se paise kese kmaye
news room
विशिष्ट पोस्ट
इशरत जहाँ हत्या मे sit चीफ का नया खुलासा
नई दिल्ली: इशरत जहां मामले में हर रोज एक नया पेंच सामने आ रहा है। सीबीआई जांच में सहयोग करने वाले पूर्व एसआईटी चीफ सतीश वर्मा ने गृह मंत्रा...
Sunday, 6 March 2016
aapke sujhao hame bheje blog ko lekar
Thursday, 3 March 2016
मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन की जायदाद 5000 करोड से अधिक है :अकबर ओवैसी
हैदराबाद। मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन लीडर अकबरुर्द्दीन ओवैसी ने कहा हे कि पार्टी के पास 5000 करोड से अधिक की जायदाद है जोकि मुस्लिम कौम के लियें है
हेदराबाद में आल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन के 58वा स्थापना दिवस के मौके पे उन्होंने ये बात कही .
अकबरुर्द्दीन ओवैसी ने कहाँ कि पार्टी मुस्लिम के भलाई के लियें काम कर रही है .उन्होंने ये भी कहाँ पार्टी टीआरएस सरकार पे मुस्लिमो को रिजर्वेशन देने के वायदे को पूरा करने लियें दवाब डालेगी .
उन्होंने हैदराबाद के नगर पालिका के मतदान मे मुस्लिमो द्वारा अपने मतो के कम इसतेमाल पर चिंता जाहिर करते हुयें मुस्लिमो से मतदान में अपने हक़ का पूरा इस्तेमाल करने की अपील की .
इशरत जहाँ हत्या मे sit चीफ का नया खुलासा
नई दिल्ली: इशरत जहां मामले में हर रोज एक नया पेंच सामने आ रहा है। सीबीआई जांच में सहयोग करने वाले पूर्व एसआईटी चीफ सतीश वर्मा ने गृह मंत्रालय में अंडर सेक्रेटरी रहे आरवीएस मणि के आरोपों को तथ्यहीन बताया है। आईबी को फंसाने के लिए मणि को सिगरेट से दागने के उनके आरोप पर सतीश वर्मा ने कहा कि मणि झूठ बोल रहे हैं।
अदालत द्वारा इशरत जहां इनकाउनर मामले में नियुक्त एक एसआईटी टीम के सदस्य रहे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सतीश वर्मा ने बताया कि साल 2004 में गुजरात में हुआ ये एनकाउंटर इशरत जहां की पूर्व नियोजित हत्या थी। इस मामले में उन्होंने पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम के उन पर दबाव बनाने के आरोपों को खारिज कर दिया।
सतीश वर्मा ने कहा कि हमने जो जाचं कि उससे पता चला कि एनकाउंटर से कुछ दिन पहले आईबी अधिकारियों ने इशरत जहां और उसके तीन साथियों को अगवा किया था। इन लोगों को गैर कानूनी रूप से हिरासत में रखा गया और फिर हत्या करदी गयीं। सतीश वर्मा इशरत जहाँ मामले की जांच के लिए गुजरात हाई कोर्ट की ओर से बनाई गई स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (SIT) के सदस्य भी थे।
महाराष्ट्र के मुंब्रा की रहने वाली इशरत जहां और उसके तीन अन्य साथियों की अहमदाबाद के बाहरी इलाके में 15 जून 2004 को पुलिस द्वारा हत्या की गयीं थी। पुलिस ने आरोप लगाया गया था कि ये सभी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य थे। पिछले सप्ताह पूर्व गृह सचिव जीके पिल्लई ने कहा था कि लश्कर के इस समूह को 2004 में आईबी ने ही गुजरात आने का लालच दिया था।
आईपीएस अधिकारी और एसआईटी सदस्य सतीश वर्मा ने आरवीएस मणि के आरोप को भी गलत बताया है मणि ने आरोप लगाया था कि उन्हें सिगरेट से जला कर प्रताड़ित किया गया। मणि ने गुजरात हाई कोर्ट में केन्द्रीय गृह मंत्रालय की ओर से मामला दायर किया था। उन्होंने एक हिंदी टीवी चैनल से कहा कि 19 वर्षीय एक लड़की की जान-बूझकर हत्या को राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर बचाव नहीं किया जा सकता।
पूर्व sit चीफ वर्मा ने कहा कि सीबीआई जांच के दौरान ऐसी चीज कभी नहीं हो सकती। मान लीजिए ऐसा मैंने किया है, अगर ऐसा है तो यह एक कसूर और अपराध है। मणि को पता होना चाहिए कि अगर ऐसा था तो वह मेरे खिलाफ कार्रवाई के लिए कानून का सहारा भी ले सकते है।
वर्मा ने मणि के सभी आरोपों को आधारहीन बताया। वर्मा ने कहा कि मणि का उद्देश्य कुछ और है। वह केस को कमजोर करना चाहते हैं। पुलिस जांच में गवाहों के निवेदन रिकॉर्ड किए जाते हैं, गवाहों के हस्ताक्षर नहीं लिए जाते हैं। मणि भी इस मामले में गवाह थे। उनका जो भी बयान देना था उसपर हस्ताक्षर नहीं होता है इसलिए इसके लिए दबाव का प्रश्न ही नहीं है।
Tuesday, 1 March 2016
क्या हिन्दुओं को मुसलमानो पर हमले करने के लिए उकसाने पर नहीं होना चाहिए देशद्रोह का केस !
आगरा । आगरा में वीएचपी नेता की श्रद्धांजलि सभा में केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री रामशंकर कठेरिया के भड़काऊ भाषण ने एक नया प्रश्न पैदा कर दिया है । क्या एक समुदाय को दूसरे समुदाय के खिलाफ हमले करने और ताकत दिखाने के लिए उकसाना अपराध नही है ?
आगरा में कठेरिया ने एक भाषण में हिन्दुओं को अपनी ताकत दिखाने के लिए ललकारा है। आगरा में एक वीएचपी नेता की हत्या के बाद श्रद्धांजलि सभा में शरीक होने पहुंचे कठेरिया यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि प्रशासन ये न समझे की मंत्री बनने से मेरे हाथ बंध गए हैं, वे भी कभी लाठी-डंडा लेकर चलते थे।
आगरा से सांसद कठेरिया और फतेहपुर सिकरी से सांसद बाबू लाल बीजेपी, वीएचपी और बजरंग दल के उन नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने वीएचपी के नगर उपाध्यक्ष 50 वर्षीय अरुण माहौर की हत्या के बाद रविवार को सभा को संबोधित किया।
इस सभा को संबोधित करते हुए कठेरिया ने कहा, ‘हिन्दू समुदाय के खिलाफ यह षड्यंत्र किया जा रहा है, इसे पहचानने के लिए हमें अलर्ट रहना होगा और खुद को मजबूत करना होगा। हमें इसके खिलाफ लड़ना होगा, क्योंकि अगर अब हम इसे नहीं करते हैं तो आज हमने एक अरुण को खोया है और कल कोई दूसरा अरूण होगा… हत्यारों को भी मरना होगा, हमें ऐसा उदाहरण पेश करना होगा।’ वहीं सभा को संबोधित करते हुए बाबू लाल ने कहा, ‘अगर मुस्लिमों के दिमाग में कुछ है तो फिर एक रेखा खींचिए और फिर आप हिन्दू समुदाय की ताकत देखेंगे।’
हिन्दू राष्ट्र के नारे लगाने पर क्यों न चले द्रेशद्रोह का मुकदमा ?
एक बड़ा सवाल यह पैदा होता है कि क्या हिन्दू राष्ट्र के नारे लगाना गैर संवैधानिक नहीं है ? हिन्दू राष्ट्र की परिकल्पना हमारे देश के संविधान के पलट है । तो क्या हिन्दू राष्ट्र के नारे लगाने वालो के खिलाफ देश द्रोह का मुकदमा नहीं होना चाहिए । यदि जेएनयू में छात्रों के नारे लगाने से उनपर देश द्रोह का मुकदमा किया जा सकता है तो भड़काऊ भाषणो के मामले में अब तक साध्वी प्राची , योगी आदित्यनाथ, साक्षी महाराज और संगीत सोम पर देश द्रोह के मुकदमे क्यों नही दर्ज किये गए ।
Monday, 29 February 2016
मुसलमानो पर बड़े हमले की साजिश : छापा मारो, बुर्का पहनो लेकिन इन्हें घेर-घेर कर ले
आगरा। आगरा में विश्व हिंदू परिषद्(विहिप) कार्यकर्ता अरुण माहौर की हत्या की श्रद्धांजलि सभा के दौरान मुसलमानों के लिए जमकर आग उगली गई। इस दौरान मुसलमानों के लिए राक्षस और रावण के वंशज जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया साथ ही अंतिम लड़ाई की चेतावनी दी गई। इस दौरान वक्ताओं ने मुसलमानो को निशाना बनाने के लिए भड़काऊ भाषण दिए । ये सब कुछ केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी में हुआ इतना ही नहीं केन्द्रीय मंत्री ने खुद भी भड़काऊ भाषण दिया ।
यह श्रद्धांजलि सभा संघ परिवार की ओर से आयोजित की गई थी। अरुण की पिछले सप्ताह कुछ मुस्लिम युवकों ने हत्या कर दी थी। सभा के दौरान केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री रामशंकर कथेरिया, फतेहपुर सीकरी से भाजपा सांसद बाबू लाल, विहिप के जनरल सेक्रेटरी सुरेंद्र जैन, स्थानीय भाजपा विधायक जगन प्रसाद गर्ग सहित कई अन्य नेता मौजूद थे।
इस दौरान विहिप जिला सचिव अशोक लवानिया ने कहा, ‘अरुण की शहादत पर मानव खोपड़ी चढ़ाई जाएगी।’ सभा के दौरान एक के बाद एक आए स्पीकर्स ने बदला लेने और राक्षसों का नाश करने की बातें कहीं। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के बारे में भाजपा विधायक जगन प्रसाद ने कहा, ‘आप लोगों को गोलियां चलानी होगी, आप को राइफल उठानी होगी। आप लोगों को चाकू चलाने होंगे। 2017 के चुनाव आने वाले हैं अभी से अपनी ताकत दिखानी होगी।’
इस दौरान भीड़ ने जिस हिंदू का खून न खोले, खून नहीं वो पानी है, जैसे नारे लगाए। विहिप जनरल सेक्रेटरी जैन ने प्रशासन को चेताते हुए कहा, ‘आप ने मुजफ्फरनगर के नतीजे देखें हैं। आगरा को मुजफ्फरनगर मत बनाओ।’ वहीं केंद्रीय मंत्री कथेरिया ने कहा, ‘हमें खुद को ताकतवर बनाना होगा। हमें संघर्ष शुरू करना होगा। अगर हमने संघर्ष शुरू नहीं किया जो आज हमने अरुण को खोया है कल किसी और को खो देंगे। दूसरा जाने से पहले ये हत्यारे ही चले जाएं इस प्रकार की ताकत हमें दिखानी होगी।’ उन्होंने कहा कि इस काम में उनका मंत्री पद आड़े नहीं आएगा।
वहीं सांसद बाबूलाल ने मुस्लिमों के साथ खुली लड़ाई की अपील की। उन्होंने कहा,’ हमारी परीक्षा मत लो। हम समाज का अपमान नहीं सहेंगे। हम अशांति नहीं चाहते लेकिन अगर तुम हिंदुओं की परीक्षा लेना चाहते हो तो भिड़ने की तारीख तय कर लो।’ स्थानीय भाजपा नेता कुदंनिका शर्मा ने अन्य पार्टियों को गद्दारों के वोट मांगने वाली लोमडि़यां कहा। उन्होंने कहा, ‘लेकिन हम इन गद्दारों, अरुण के हत्यारों के सिर मांगते हैं।’
विहिप के जिला सचिव अशोक लवानिया ने कहा, ‘यह चुप बैठने का समय नहीं है। छापा मारो, बुर्का पहनो लेकिन इन्हें घेर-घेर कर ले आओ। एक सिर के बदले दस सिर काट लो। बहुत से लोग मुझसे पूछ रहे हैं कि कुछ कर क्यों नहीं रहे। हम बच रहे हैं क्योंकि संगठनों को जिम्मेदार ठहरा दिया जाएगा। एक बार लोग इकट्ठा हो जाएंगे कोई सवाल नहीं उठेगा। रामजन्मभूमि और मुजफ्फरनगर जैसे मामलों में पार्टी गायब थी। लेकिन यह तय है कि तेरहवीं से पहले बदला लिया जाएगा। खून का बदला खून। जहां भी हिंदू है वहां कार्रवाई होगी।
मंतौला (जहां पर अरुण की हत्या हुई) हीं नहीं पूरे आगरा में कार्रवाई होगी। बजरंग दल के जिला संयोजक जगमोहन चाहर ने मुसलमानों को चुनौती देते हुए कहा, ‘जो छेड़ेगा हमारी बस्ती को हम उखाड़ देंगे उसकी हरेक बस्ती को। यदि तुम्हें भारत में रहना है तो रहीम और रहमान की तरह रहो। यदि अकबर और बाबर बनने की कोशिश की तो हम तुम्हारे घरों को जमींदोज कर देंगे। हम राम के वंशज हैं। हम रावण के वंशजों का नाश कर देंगे।’लोकभारत