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इशरत जहाँ हत्या मे sit चीफ का नया खुलासा

नई दिल्ली: इशरत जहां मामले में हर रोज एक नया पेंच सामने आ रहा है। सीबीआई जांच में सहयोग करने वाले  पूर्व एसआईटी चीफ सतीश वर्मा ने गृह मंत्रा...

Monday, 29 February 2016

अमेरिका के 34 प्रभावशाली सांसदों ने मोदी को लिखा पत्र-RSS की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिये सुरक्षा बलों को निर्देश दें

वाशिंगटन।भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित हिंसा पर अमेरिका के 34 प्रभावशाली सांसदों ने गंभीर चिंता जताई है। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर दोषियों को सजा दिलाने और अल्पसंख्यकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का भी अनुरोध किया है।इन सांसदों में आठ सीनेटर भी शामिल हैं। पीएम मोदी को भेजे पत्र में सांसदों ने कहा है, ‘हम भारत सरकार से धार्मिक अल्पसंख्यकों के मौलिक अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए फौरन कार्रवाई का अनुरोध करते हैं। साथ ही उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो, जो हिंसा के लिए जिम्मेदार हैं।25 फरवरी को भेजे इस पत्र में खास तौर से भारत में रहने वाले ईसाई, मुस्लिम और सिख समुदायों को लेकर चिंता जताई गई है।टॉम लैंटोस मानवाधिकार आयोग ने शनिवार को यह पत्र मीडिया में जारी किया। सांसदों ने लिखा है, ‘हम आपकी सरकार से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे संगठनों की गतिविधियों को नियंत्रित करने और धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के साथ कानून का शासन सुनिश्चित करने के लिए भारतीय सुरक्षा बलों को निर्देश देने का भी आग्रह करते हैं।’पत्र में 17 जून 2014 को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में 50 से ज्यादा ग्राम पंचायतों द्वारा गैर हिंदू धार्मिक कार्यक्रमों को प्रतिबंधित करने संबंधी प्रस्ताव का भी जिक्र किया गया है।कहा गया है कि इस प्रकार के प्रतिबंध से क्षेत्र का ईसाई समुदाय भी प्रभावित हुआ है।

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Sunday, 28 February 2016

जाट हिंसा में इंडस्ट्रीज़ तबाह, जर्मनी और फ्रांस समेत कई देशों ने लगाया करोडों का जुर्माना

जाट हिंसा में इंडस्ट्रीज़ तबाह, जर्मनी और फ्रांस समेत कई देशों ने लगाया करोडों का जुर्माना

February 27, 2016Business, Khaas Khabar, Punjab / Haryana0 Comments

हरियाणा :तशद्दुद की आग ने प्रदेश के इंडस्ट्रीज़ को भस्म कर दिया है। इंडस्ट्रीज़ में पैदावार तो ठप हुआ ही, अब गैर मुल्की जुर्माना भी लगा रहे हैं। प्रदेश के इंडस्ट्रीज़ पर जर्मनी और फ्रांस समेत कई देशों ने 3 करोड़ का जुर्माना लगाया है। क्योंकि गैर मुल्की के ऑर्डर पहुंचाने में देरी होने पर हर सप्ताह के आधार पर जुर्माना लगाया जाता है। पहले जाट आरक्षण आंदोलन में एक सप्ताह तक रास्ता बंद होने से 50 फैक्ट्रियां पेनाल्टी की जद में आई। वहीं अब उन फैक्ट्रियों पर विदेशियों की पेनाल्टी बढ़ती जा रही है, जिनको आन्दोलनकारी ने नुकसान पहुंचाया है या जला दिया है।जलाए गए इंडस्ट्रीज़ में एक महीने तक उत्पादन शुरू होने की उम्मीद नहीं है।नुकसान केवल जुर्माने तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे हरियाणा की कंपनियों के विदेशों में हुए करार पर भी फर्क पड़ेगा।

समय पर ऑर्डर पूरा नहीं होने के कारण जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, हालैंड, इंग्लैंड, इटली आदि देशों ने प्रदेश के इंडस्ट्रीज़ पर लगभग 3 करोड़ की पेनाल्टी ठोंक दी है। क्योंकि यहां से इन सभी देशों में ऑटोमोबाइल्स, कृषि समेत अन्य सामान सप्लाई होता है। बाहरी देशों से जब सामान का ऑर्डर मिलता है तो उसके साथ ही कुछ नियम भी बना दिए जाते हैं। उन नियमों में एक यह भी शामिल है कि अगर ऑर्डर एक सप्ताह से ज्यादा देरी से पहुंचा तो कंपनी को जुर्माना भरना होगा। इस नियम की जद में यहां की 50 से अधिक कंपनी आ गई हैं। इनमें रोहतक, झज्जर, हिसार, भिवानी, पानीपत के उद्योग शामिल हैं। सबसे ज्यादा परेशानी उन उद्योगों को है, जिनमें उपद्रवियों ने तोड़फोड़ करके आग लगा दी।

यहां 20 से ज्यादा ऐसी फैक्ट्रियां हैं, जिनके ऑर्डर पूरे नहीं होने से 100 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो रहा है और ऊपर से जुर्माना ठोका जा रहा है। डर ये है कि इंतजार लंबा होने के कारण कहीं विदेशी कंपनियां करार न तोड़ लें।उपद्रव में फैक्ट्री को आग लगा दी गई थी। अब एक माह तक उत्पादन होने की उम्मीद नहीं है। फैक्ट्री से सामान यूरोप के कई देशों में जाता है, जहां सप्लाई नहीं होने के कारण पेनाल्टी लगा दी गई है। वहां साख भी खराब हो रही है और उससे करार पर भी फर्क पड़ा है।

ईरान को बासमती चावल के निर्यात में 1000 करोड़ का घोटाला!


नई दिल्ली । अधिकारियों ने उच्च गुणवत्ता के बासमती चावल के ईरान को निर्यात करने में 1,000 करोड़ रूपये से अधिक के घोटाले का खुलासा किया है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की ओर से की जा रही जांच के अनुसार दो लाख मीट्रिक टन से अधिक बासमती चावल को पिछले साल दुबई में उतार लिया गया जबकि इसे ईरान के बंदर अब्बास ले जाना था। चावल की इस खेप की कीमत 1,000 करोड़ रूपये बताई गई है।

उन्होंने कहा कि इस मामले में हरियाणा और पंजाब के 25 से अधिक बड़े निर्यातक डीआरआई एवं दूसरी एजेंसियों की जांच के घेरे में हैं। सूत्रों ने कहा कि चावल गुजरात के कांडला बंदरगाह ले जाया जाता था। निर्यातक चावल का ईरान में निर्यात करने से जुड़ा पोत परिवहन संबंधित बिल जमा करते थे।

चावल की खेप को ईरान के तट तक ले जाने की बजाय जहाजों को उनके परिचालकों की मिलीभगत से दुबई की ओर मोड़ दिया जाता था। हैरान करने वाली बात यह है कि भारत में इन निर्यातकों को चावल के बदले में भुगतान ईरान से किया जाता था। आयतकों एवं बंदरगाह अधिकारियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उनको चावल की खेप मिलीं और इन्होंने इनके एवज में भुगतान भी किया।

खुफिया एजेंसियों को जो बात सबसे अधिक चिंता में डाल रही है वो यह है कि वे यह नहीं जानतीं कि दुबई में उतारे गए चावल की खेप आखिरकार कहां गई। उनको संदेह है कि इसका इस्तेमाल आतंकवाद के लिए वित्तपोषण जैसी गैरकानूनी गतिविधियों में किया गया।

Kheti se salana income